देहरादून: सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और अवैध परिवहन व्यवस्था पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग ने देहरादून में विशेष अभियान चलाकर जुगाड़ वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। दो दिनों तक चले इस अभियान में 16 अवैध जुगाड़ वाहनों को मौके पर ही कटवाया गया, जबकि 130 वाहनों के चालान किए गए और 26 वाहनों को सीज किया गया।
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन/सड़क सुरक्षा) डॉ. अनीता चमोला के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में ऐसे वाहनों की विशेष जांच की गई, जिनमें साइकिल का हैंडल लगाकर स्क्रैप वाहनों का इंजन जोड़ा गया था या फिर दोपहिया वाहनों को काटकर उन्हें माल ढोने वाले कार्ट में बदल दिया गया था।
इंजन और चेसिस नंबर में गड़बड़ी पर कार्रवाई
अभियान के दौरान उन वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई जिनमें इंजन नंबर या चेसिस नंबर नहीं था, या दोनों में स्पष्ट असंगति पाई गई। ऐसे 16 जुगाड़ वाहनों को उनके स्वामियों से मौके पर ही कटवाया गया, जबकि नंबर अंकित होने वाले 5 वाहनों को निरुद्ध कर दिया गया।
वाहन स्वामियों को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में इस प्रकार के अवैध वाहनों का संचालन न करें। साथ ही व्यापारियों को भी जागरूक करते हुए उनसे अपील की गई कि माल ढुलाई के लिए जुगाड़ वाहनों के बजाय वैध और सुरक्षित परिवहन साधनों का उपयोग करें।

बालावाला में सामने आया संदिग्ध मामला
अभियान के दौरान बालावाला क्षेत्र में एक दिलचस्प मामला भी सामने आया। यहां एक जुगाड़ वाहन की मूल आयु केवल 6–7 वर्ष पाई गई, लेकिन उसे काटकर अवैध रूप से जुगाड़ वाहन में बदल दिया गया था।
जब वाहन के नंबर और चेसिस नंबर का मिलान किया गया तो दोनों में असमानता पाई गई। इस पर एआरटीओ प्रवर्तन पंकज श्रीवास्तव को वाहन के चोरी का होने का संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस से समन्वय कर एनसीआरबी डाटा के माध्यम से वाहन की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही वाहन को छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
रॉन्ग लेन चलाने वालों पर भी कार्रवाई
अभियान के दौरान रॉन्ग लेन या उल्टी दिशा में वाहन चलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की गई। ऐसे 26 वाहनों के चालान किए गए। वाहन चालकों को चेतावनी दी गई कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने पर उनके ड्राइविंग लाइसेंस को भी निलंबित किया जा सकता है।
संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. अनीता चमोला ने कहा कि सड़क सुरक्षा और वैध परिवहन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अवैध जुगाड़ वाहनों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।



