बागेश्वर पुलिस ने बैंक लोन और मोबाइल फाइनेंस के नाम पर की जा रही धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री चन्द्रशेखर घोडके (IPS) के निर्देशन में की गई।

मामले की शुरुआत 28 जून 2024 को हुई, जब गुरुदमा वरिजा त्रिपाठी, निवासी कठायतबाड़ा, बागेश्वर ने कोतवाली बागेश्वर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी व अनुमति के बिना DMI फाइनेंस कंपनी से फाइनेंस कर सैमसंग अल्ट्रा S-23 मोबाइल फोन खरीद लिया। इस धोखाधड़ी के चलते पीड़िता का CIBIL स्कोर भी प्रभावित हुआ।
शिकायत के आधार पर कोतवाली बागेश्वर में FIR संख्या 41/2024, धारा 420 IPC के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा विवेचना उप निरीक्षक मनोहर चंद को सौंपी गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने साइबर सेल की सहायता, तकनीकी विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। गहन जांच के बाद पुलिस टीम ने 01 फरवरी 2026 को इस प्रकरण में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्त
अंकित कुमार (23 वर्ष), पुत्र कृष्णपाल सिंह, निवासी यमुनोत्री एन्क्लेव, पटेलनगर, देहरादून
जौनी (32 वर्ष), पुत्र बलवंत सिंह, निवासी ग्राम ककराला, नकुड़, जनपद सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)
दोनों अभियुक्तों को धारा 420/467/468/471/34 IPC के तहत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी हैं। इनके विरुद्ध पूर्व में भी अन्य राज्यों में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से मोबाइल फोन फाइनेंस कर ठगी करने से संबंधित दो मुकदमे दर्ज हैं।
बागेश्वर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आधार, पैन और बैंक दस्तावेजों की जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध फाइनेंस या लोन गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। मामले में आगे की जांच जारी है।




