Home » ताजा खबरें » नैनीताल हाईकोर्ट से बागेश्वर खड़िया खनन प्रकरण में बड़ी और अहम खबर सामने आई है। कोर्ट ने 48 सीज डंपर और अन्य वाहनों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला…

नैनीताल हाईकोर्ट से बागेश्वर खड़िया खनन प्रकरण में बड़ी और अहम खबर सामने आई है। कोर्ट ने 48 सीज डंपर और अन्य वाहनों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला…

Share :

नैनीताल हाईकोर्ट की एकल पीठ, न्यायमूर्ति आलोक मेहरा ने बागेश्वर खड़िया खनन मामले में बड़ा निर्णय सुनाते हुए 48 सीज डंपर और अन्य वाहनों को तत्काल प्रभाव से उनके विधिक स्वामियों को सुपुर्द करने के आदेश दिए हैं।

अदालत ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2002 के ऐतिहासिक फैसले सुंदर भाई अंबालाल देसाई बनाम गुजरात राज्य का हवाला देते हुए कहा कि जब्त वाहनों को लंबे समय तक पुलिस थानों या खुले स्थानों पर खड़ा रखना उचित नहीं है। इससे संपत्ति को नुकसान पहुंचता है और उसका अवमूल्यन होता है

गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया था कि 6 जनवरी 2025 को खंडपीठ ने बागेश्वर में खनन गतिविधियों पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद कथित तौर पर जाली ई-रवन्नों के जरिए खनन कार्य जारी रखा गया। शिकायत मिलने के बाद 17 मार्च को 48 वाहनों को अवैध खनन परिवहन में संलिप्त बताते हुए सीज किया गया था।

हालांकि, मामले के रिकॉर्ड की जांच के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि वाहनों को सीज करने की प्रक्रिया में आवश्यक कानूनी प्रावधानों का पूर्ण पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर अदालत ने निचली अदालतों के आदेशों को निरस्त करते हुए सभी वाहनों को रिहा करने का निर्देश दिया।

यह फैसला प्रशासनिक कार्रवाई में विधिक प्रक्रिया के सख्त पालन की अनिवार्यता को एक बार फिर स्पष्ट करता है और बताता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Advertisement
Tools for Journalists to Publish News
Cricket Score
सबसे ज्यादा पड़ गई
Rashifal
Share Market