बागेश्वर। जनपद गंगा समिति की बैठक जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में नगर निकायों, जिला पंचायत और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बागेश्वर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए कि नगर में लंबित लेगेसी वेस्ट का निस्तारण आगामी छह माह के भीतर, यानी सितंबर तक शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। इसके लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा गया।

गरुड़ नगर पंचायत और कपकोट नगर पंचायत के अधिकारियों ने लेगेसी वेस्ट की वर्तमान स्थिति प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जहां कचरा निस्तारण के बाद भूमि खाली हो रही है, वहां पार्क, उद्यान या अन्य जनोपयोगी विकास कार्य किए जाएं। विशेष रूप से कपकोट क्षेत्र में इसे मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में तरल अपशिष्ट प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। सभी निकायों और ग्राम पंचायतों से कुल परिवारों की संख्या तथा बनाए गए सोख गड्ढों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिन गांवों में स्वच्छता की स्थिति बेहतर है, उन्हें मॉडल स्वच्छ ग्राम के रूप में चिन्हित कर अन्य ग्राम पंचायतों को उनसे सीख लेने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरा जलाने की घटनाओं पर सख्ती से जुर्माना लगाया जाए। साथ ही प्लास्टिक का अनुचित निस्तारण और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई बढ़ाई जाए।
इसके अलावा सभी अधिशासी अधिकारियों को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने, शत-प्रतिशत घरों को कवर करने और अवैध कचरा डंपिंग के हॉटस्पॉट्स की पहचान कर उन्हें खत्म करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं बल्कि जनआंदोलन है। नमामि गंगे के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सभी विभागों, निकायों और ग्राम पंचायतों को समन्वित प्रयास करते हुए तय समय में काम पूरा करना होगा। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग और सख्त प्रवर्तन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



