पुलिस अधीक्षक बागेश्वर, श्री चन्द्रशेखर घोडके (IPS) के कुशल निर्देशन में उत्तरायणी मेले की सुरक्षा में तैनात जनपद पुलिस ‘मित्रता, सेवा और सुरक्षा’ के अपने ध्येय वाक्य को धरातल पर चरितार्थ कर रही है। आज दिनांक 17.01.2026 को उत्तरायणी मेले के दौरान पुलिस ने जहाँ बिछड़े बच्चों को उनके परिवार से मिलाया, वहीं एक युवक का कीमती सामान भी सुरक्षित लौटाया।
मामला 01: परिजनों से बिछड़े दो मासूमों की सकुशल घर वापसी
उत्तरायणी मेले की भारी भीड़ के बीच अनु सैनी (उम्र 13 वर्ष) निवासी ग्राम आरे और कुमारी अन्या (उम्र 7 वर्ष) निवासी हरसीला, जो अपने दादा श्री नारायण राम के साथ मेला देखने आए थे, अचानक नुमाइशखेत क्षेत्र में बिछड़ गए।
बच्चों को घबराया हुआ देख ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल राजेंद्र सिंह ने तत्काल सक्रियता दिखाई और उन्हें सुरक्षित ‘खोया-पाया केंद्र’ लाया गया। पुलिस टीम द्वारा त्वरित खोजबीन कर बच्चों के परिजनों से संपर्क साधा गया। बालक अनु सैनी को उसकी माता श्रीमती हेमा देवी और कुमारी अन्या को उनके दादा श्री नारायण राम के सकुशल सुपुर्द किया गया। अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने बागेश्वर पुलिस की कार्यकुशलता की भूरि-भूरि सराहना की।

मामला 02: गुमशुदा पर्स और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद
इसी क्रम में नुमाइशखेत मेला क्षेत्र में पुलिस को एक लावारिस पर्स मिला, जिसमें आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और पहचान पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे। पुलिस टीम ने दस्तावेजों के आधार पर तत्काल संपर्क स्थापित किया और उक्त पर्स उसके स्वामी हर्षित सिंह पुत्र श्री आन सिंह (निवासी डीडीहाट, पिथौरागढ़) को पहचान की पुष्टि के उपरांत सकुशल सुपुर्द किया। बाहरी जनपद से आए युवक ने अपना कीमती सामान वापस पाकर बागेश्वर पुलिस का सहृदय आभार व्यक्त किया।
बागेश्वर पुलिस की अपील:
मेले में आने वाले श्रद्धालु बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। उनकी जेब में नाम और मोबाइल नंबर की पर्ची अवश्य रखें। किसी भी खोई या पाई गई वस्तु की सूचना तत्काल पुलिस सहायता केंद्र या हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें।




