चमोली(उत्तराखंड):
विश्व प्रसिद्ध और अत्यंत कठिन धार्मिक अनुष्ठान मानी जाने वाली नंदा राजजात यात्रा 2026 को औपचारिक रूप से स्थगित कर दिया गया है। नंदा राजजात समिति और राज्य सरकार ने आपसी सहमति से तय समय-चक्र के अनुसार अब यह यात्रा 2027 में आयोजित करने का निर्णय लिया है।



समिति के अनुसार, यह यात्रा पारंपरिक रूप से हर 12 वर्ष में आयोजित की जाती है और पिछली पूर्ण राजजात यात्रा वर्ष 2014 में संपन्न हुई थी। सामान्य गणना के अनुसार अगली यात्रा 2026 में होनी थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे आगे बढ़ाया गया है।
समिति ने स्पष्ट किया कि सितंबर माह में ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन, खराब मौसम और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा अधिक रहता है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
आगामी वसंत पंचमी के अवसर पर पारंपरिक धार्मिक प्रार्थनाएं की जाएंगी, जिसके बाद समिति और प्रशासन आपसी विचार-विमर्श कर 2027 की अंतिम तिथियां तय करेंगे।
नंदा राजजात समिति ने कहा कि यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और प्रशासनिक तैयारियों को ध्यान में रखकर लिया गया है। प्रशासन भी यात्रा की भव्यता और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए पहले से तैयारियां शुरू करेगा।




