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देहरादून में ओवरस्पीडिंग पर लगेगा ब्रेक: नई SOP से सड़क हादसे कम करने की तैयारी…

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देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए परिवहन विभाग अब बड़ा कदम उठाने जा रहा है। तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए जल्द ही नई मानक प्रचालन कार्यविधि (SOP) लागू की जाएगी। इस योजना के तहत गति सीमा तय करने से लेकर एपीएनआर कैमरे, रंबल स्ट्रिप और रात में सख्त चेकिंग जैसी कई अहम व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।

परिवहन विभाग का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।


सड़क दुर्घटनाएं बढ़ना बना बड़ी चिंता

उत्तराखंड में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले वर्ष राज्य में 1800 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। विभागीय जांच में सामने आया कि इनमें से लगभग एक तिहाई हादसे ओवरस्पीडिंग और गलत ओवरटेकिंग की वजह से हुए।

खासकर शहरों की सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा ज्यादा देखा गया है। इसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।


SOP में क्या होंगे नए नियम

नई SOP के तहत सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई बड़े बदलाव किए जाएंगे।

  • शहरों में गति सीमा तय की जाएगी
  • दुर्घटना संभावित स्थानों पर रंबल स्ट्रिप लगाए जाएंगे
  • 23 एपीएनआर कैमरे लगाए जाएंगे जो ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान कर नियम तोड़ने वालों को पकड़ेंगे
  • तेज रफ्तार और गलत ओवरटेकिंग पर तुरंत चालान
  • गंभीर मामलों में वाहन सीज और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द
  • देहरादून में दो प्रमुख मार्गों से शुरुआत

    नई व्यवस्था की शुरुआत सबसे पहले देहरादून के दो प्रमुख मार्गों से की जाएगी।

    • राजपुर रोड से दिलाराम चौक
    • आशारोड़ी से आईएसबीटी मार्ग

    इन दोनों मार्गों पर एपीएनआर कैमरे लगाए जाएंगे और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इन इलाकों में पहले भी दुर्घटनाओं की संख्या अधिक दर्ज की गई है।


    रात में बढ़ेगी पुलिस चेकिंग

    परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं रात के समय होती हैं। इसी कारण रात 8 बजे के बाद विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।

    पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ कैमरों की निगरानी भी तेज की जाएगी ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।


    सीज वाहनों के लिए बनाया जाएगा नया स्पॉट

    अब तक सीज किए गए वाहनों को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। इस समस्या को देखते हुए विभाग अलग से नया वाहन सीजिंग स्पॉट तैयार कर रहा है। इससे कार्रवाई और तेज हो सकेगी।


    अधिकारी का बयान

    उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने बताया कि तेज रफ्तार सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण है। इसे नियंत्रित करने के लिए नई SOP तैयार की जा रही है और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।


    योजना से क्या होगा फायदा

    नई व्यवस्था लागू होने के बाद कई बड़े फायदे देखने को मिल सकते हैं।

    • सड़क दुर्घटनाओं में 30–40% तक कमी
    • पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों की सुरक्षा बढ़ेगी
    • ट्रैफिक नियमों का पालन बेहतर होगा
    • लोगों में सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूकता बढ़ेगी

    परिवहन विभाग का कहना है कि यह योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसे जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को सड़क सुरक्षा के मामले में मॉडल राज्य बनाना है।

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