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श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद, 3.84 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

सेना के बैंड की गूंज और नम आंखों के बीच संपन्न हुई यात्रा, पाकिस्तान से आए 40 सदस्यीय सिख श्रद्धालुओं के जत्थे ने भी लिया समापन समारोह में हिस्स

चमोली। सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए हैं। इसी के साथ पौराणिक श्री लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद हो गए। कपाट बंद होने के साथ ही वर्ष 2026 की पवित्र हेमकुंड साहिब यात्रा का विधिवत समापन हो गया। इस वर्ष यात्रा में 3 लाख 84 हजार 573 से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र धाम पहुंचकर मत्था टेका और नया रिकॉर्ड बनाया।

करीब 15 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब में कपाट बंद होने का अवसर आस्था, सेवा और समर्पण के भावों से सराबोर रहा। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु धाम पहुंचे। इनमें पाकिस्तान से आया 40 सदस्यीय सिख श्रद्धालुओं का जत्था भी शामिल रहा।

सुखमणी साहिब के पाठ से शुरू हुई धार्मिक प्रक्रिया

कपाट बंद होने की धार्मिक प्रक्रिया सुबह सुखमणी साहिब के पाठ के साथ शुरू हुई। इसके बाद गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन हुआ और दोपहर में वर्ष की अंतिम अरदास की गई। अरदास के बाद हुक्मनामा लिया गया। फिर पंज प्यारों की अगुवाई में गुरु ग्रंथ साहिब को दीवान हॉल से सचखंड साहिब में सुशोभित किया गया। इस दौरान सेना के बैंड की मधुर धुनों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

गोविंद धाम यानी घांघरिया से रागी जत्थे के साथ हजारों श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंचे। बर्फ से ढकी सप्तश्रृंग घाटी, सुहावना मौसम, शबद-कीर्तन और ‘वाहेगुरु जी’ के जयकारों के बीच कपाट बंद होने का दृश्य बेहद भावुक रहा। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से गुरु महाराज को नमन किया और अगले यात्रा सीजन में दोबारा दर्शन की कामना की।

दुर्गम रास्तों पर पुलिस और एसडीआरएफ ने निभाई सेवा

हेमकुंड साहिब की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों के लिए बड़ी चुनौती रही। भारी बर्फबारी, बारिश, कड़ाके की ठंड और फिसलन भरे रास्तों के बीच जवानों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य किया।

पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के नेतृत्व और दिशा-निर्देशन में सुरक्षा व्यवस्था, यात्रा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखी गई। दुर्गम मार्गों पर जवानों ने जरूरतमंद श्रद्धालुओं की मदद की, उन्हें सुरक्षित रास्ता पार कराने में सहयोग दिया और आपात परिस्थितियों में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई।

गुरुद्वारा प्रबंधन ट्रस्ट ने चमोली पुलिस की सराहना की

यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कुशल प्रबंधन को लेकर गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ने चमोली पुलिस के प्रयासों की सराहना की। ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा और वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने प्रभारी निरीक्षक गोविंदघाट चित्रगुप्त सिंह तथा चौकी प्रभारी घांघरिया अमनदीप सिंह की विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए आभार जताया।

इस अवसर पर ट्रस्ट के मैनेजर मोनू सिंह, ग्रंथी हामिद सिंह सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने भी पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों के सहयोग, तत्परता और सेवाभाव की सराहना की।

आस्था और सेवा की यादों के साथ संपन्न हुई यात्रा

श्री हेमकुंड साहिब के कपाट भले ही शीतकाल के लिए बंद हो गए हों, लेकिन इस यात्रा से जुड़ी आस्था, सेवा और समर्पण की भावना श्रद्धालुओं के मन में बनी रहेगी। एक ओर गुरु महाराज के चरणों में शीश नवाते श्रद्धालु और दूसरी ओर बर्फीले रास्तों पर उनकी सुरक्षा में जुटे पुलिस व एसडीआरएफ के जवान—इन दृश्यों ने देवभूमि उत्तराखंड में सेवा और मानवता की अनूठी मिसाल पेश की।

इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के साथ हेमकुंड साहिब यात्रा का समापन हुआ। अब श्रद्धालुओं को अगले यात्रा सीजन का इंतजार रहेगा।

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