पिथौरागढ़ में किरायेदार गिरफ्तार, 26 बार में खाते से निकाले रुपये; हरिद्वार में चोरी के जेवर गिरवी रखकर लिया ₹2.51 लाख का लो
उत्तराखंड में चोरी और ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पिथौरागढ़ के थल में एक किरायेदार ने अपने बुजुर्ग मकान मालिक के भरोसे का फायदा उठाकर उनके बैंक खाते से 1.36 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। वहीं, हरिद्वार के मंगलौर में एक आरोपी ने चोरी के जेवर बेचने के बजाय दिल्ली की गोल्ड लोन कंपनी में गिरवी रखकर 2.51 लाख रुपये का लोन ले लिया। दोनों मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई है।
पिथौरागढ़: बुजुर्ग मकान मालिक के खाते से 26 बार में उड़ाए ₹1.36 लाख
पिथौरागढ़ जिले के थल थाना क्षेत्र में भरोसे को तोड़ने का मामला सामने आया है। यहां एक किरायेदार ने अपने 65 वर्षीय बुजुर्ग मकान मालिक के मोबाइल फोन और PhonePe PIN का दुरुपयोग कर उनके बैंक खाते से 1,36,588 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
कोटगाड़ी निवासी गोविन्द बल्लभ जोशी ने 7 अक्टूबर को थल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके खाते से UPI और PhonePe के माध्यम से 26 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में रकम निकाल ली गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
थानाध्यक्ष गणेश भट्ट के नेतृत्व में पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से लेन-देन की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि रकम शुभम राय, किरन देवी, प्रिया कुमारी और गीता देवी के खातों में ट्रांसफर की गई थी।
जांच की कड़ी बुजुर्ग के मकान में पिछले छह महीने से किराये पर रह रहे मजदूर तक पहुंची। आरोपी की पहचान बिहार के पश्चिमी चंपारण निवासी 35 वर्षीय रुदल महतो के रूप में हुई, जो कोटगाड़ी में रहकर टाइल लगाने का काम करता था।
पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग मकान मालिक आरोपी पर भरोसा करते थे। बाजार से सामान मंगाने के लिए वह अक्सर उसे अपना मोबाइल फोन दे देते थे। इसी दौरान आरोपी ने मोबाइल का पासवर्ड और PhonePe PIN जान लिया और कथित तौर पर इसका दुरुपयोग कर रकम अपने परिचितों और रिश्तेदारों के खातों में भेजनी शुरू कर दी।
20 अगस्त से 6 अक्टूबर 2026 के बीच आरोपी ने कुल 1,36,588 रुपये ट्रांसफर किए। इसमें से 67 हजार रुपये अपनी पत्नी किरन देवी के खाते में भेजे, जबकि 48 हजार रुपये कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किए।
थल पुलिस ने आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और ठगी की रकम में से 7 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

हरिद्वार: चोरी के जेवर बेचने के बजाय गोल्ड लोन कंपनी में रखे गिरवी
वहीं, हरिद्वार जिले के मंगलौर में चोरी के जेवरात से जुड़े मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कथित तौर पर चोरी के गहनों को बेचने के बजाय दिल्ली के भजनपुरा स्थित गोल्ड लोन कंपनी में गिरवी रख दिया और इसके बदले 2 लाख 51 हजार 200 रुपये का लोन ले लिया।
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत मंगलौर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की।
पुलिस ने दिल्ली के भजनपुरा स्थित गोल्ड लोन कंपनी से चोरी के शेष जेवरात बरामद कर लिए हैं। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस चोरी के जेवरात और उनसे हासिल की गई रकम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
भरोसे और सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल
पिथौरागढ़ की घटना बताती है कि मोबाइल फोन और डिजिटल पेमेंट की जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को देना कितना जोखिम भरा हो सकता है। वहीं, हरिद्वार का मामला चोरी के सामान को ठिकाने लगाने के नए तरीकों की ओर ध्यान खींचता है।
सावधानी जरूरी है: अपना UPI PIN, मोबाइल पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। भरोसेमंद व्यक्ति को भी भुगतान संबंधी गोपनीय जानकारी देने से बचें।





