देहरादून। उत्तराखंड के भविष्य को लेकर प्रदेश के विद्यार्थियों ने अपने सपनों और विचारों को खुलकर सामने रखा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को विद्यार्थियों का जबरदस्त समर्थन मिला है। राज्य की कक्षा 11वीं और 12वीं के 2,67,744 विद्यार्थियों ने उत्तराखंड के विकास को लेकर अपने विचार और विजन साझा करते हुए निबंध पोर्टल पर अपलोड किए हैं।
आठ प्रमुख विषयों पर विद्यार्थियों ने दिए सुझाव
अभियान के तहत विद्यार्थियों ने पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक सहित आठ प्रमुख विषयों पर अपने सुझाव दिए हैं। इन निबंधों में विद्यार्थियों ने अपने सपनों के उत्तराखंड की तस्वीर पेश करने के साथ-साथ राज्य के विकास को लेकर नए और व्यावहारिक विचार भी साझा किए हैं।
राज्य में कक्षा 11वीं और 12वीं में सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में कुल 2,96,426 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी इस अभियान की व्यापकता को दर्शाती है।
पांच जिलों में शत-प्रतिशत भागीदारी

अभियान में रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और चमोली जिलों में कक्षा 11वीं और 12वीं के शत-प्रतिशत विद्यार्थियों ने अपने निबंध पोर्टल पर अपलोड किए हैं।
वहीं पौड़ी में 98.82 प्रतिशत, अल्मोड़ा में 97.46 प्रतिशत, हरिद्वार में 91.77 प्रतिशत, टिहरी में 91.57 प्रतिशत, बागेश्वर में 89.26 प्रतिशत, नैनीताल में 85.89 प्रतिशत और उत्तरकाशी में 84.93 प्रतिशत विद्यार्थियों ने अभियान में भागीदारी की।
देहरादून जिले में कक्षा 11वीं और 12वीं के कुल 63,666 विद्यार्थियों में से 47,358 विद्यार्थियों ने अपने निबंध प्रस्तुत किए हैं।
140 श्रेष्ठ विचारों का होगा चयन
अभियान के तहत प्राप्त निबंधों और विचारों का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ विशेषज्ञों की टीम द्वारा मूल्यांकन किया जा रहा है। 16 सितंबर को श्रेष्ठ विचारों के परिणाम घोषित किए जाएंगे।
कुल 140 श्रेष्ठ विचारों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवों के साथ अपने विचारों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं भी इन विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उनके विजन, अनुभवों तथा सुझावों को सुनेंगे।
श्रेष्ठ विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को करियर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग के साथ अन्य प्रोत्साहन और पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
हर सहभागी को मिला डिजिटल प्रमाण पत्र
अभियान में निबंध जमा करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक, विद्यालय और विद्यार्थी से संबंधित डेटा भी संकलित किया गया है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे।
अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल ने बताया कि नई पीढ़ी को सीधे राज्य की विकास प्रक्रिया और नीति निर्माण की सोच से जोड़ना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपने विचार साझा किए हैं।
मुख्यमंत्री बोले—युवाओं के सुझावों को विकास में मिलेगा स्थान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थी केवल उत्तराखंड का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि उनके विचार आज के उत्तराखंड को भी नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान के माध्यम से सरकार नई पीढ़ी की सोच को सुन रही है और युवाओं के अच्छे एवं व्यावहारिक सुझावों को प्रदेश के विकास में स्थान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि युवा जिस उत्तराखंड का सपना देख रहे हैं, उसे साकार करने की प्रक्रिया में उन्हें भी सहभागी बनाया जाए।
2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड की नई पीढ़ी केवल अपने भविष्य को लेकर चिंतित नहीं है, बल्कि वह अपने राज्य के भविष्य को लेकर भी गंभीरता से सोच रही है।



