हेडलाइन: पौड़ी के जयहरीखाल में अवैध होटल पर चलेगा बुलडोजर! तीन मंजिल की अनुमति, आठ से दस मंजिल तक निर्माण के आरोप
उत्तराखंड के पौड़ी जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जयहरीखाल में बने एक बहुमंजिला होटल के कथित अवैध निर्माण पर शासन ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है। आरोप है कि होटल के निर्माण के लिए महज तीन मंजिल की अनुमति थी, लेकिन निर्माण आठ से दस मंजिल तक पहुंच गया। वर्ष 2022 में शुरू हुआ निर्माण कार्य वर्ष 2025 में पूरा हुआ और इसके बाद होटल का उद्घाटन भी किया गया। अब शासन के आदेश के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतना बड़ा निर्माण होता रहा और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
पौड़ी जिले के जयहरीखाल ब्लॉक मुख्यालय में एक बहुमंजिला होटल के कथित अवैध निर्माण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। गुमखाल-लैंसडौन मोटर मार्ग पर स्थित इस होटल के निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2022 में होटल का निर्माण शुरू हुआ था, जो वर्ष 2025 में पूरा हुआ। लेकिन निर्माण के दौरान स्वीकृत नक्शे, अनुमन्य ऊंचाई और निर्धारित मानकों के अनुपालन को लेकर विवाद सामने आया।
आरोप है कि होटल के लिए तीन मंजिल की अनुमति होने के बावजूद निर्माण आठ मंजिल तक किया गया, जबकि कुछ दावों में इसकी ऊंचाई दस मंजिल तक पहुंचने की बात कही गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने अब होटल के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है। पंचायतीराज निदेशक उत्तराखंड निधि यादव ने भी आदेश की पुष्टि की है।
सबसे बड़ा सवाल जवाबदेही का है।
यदि होटल का निर्माण स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित मानकों से अधिक किया गया, तो निर्माण के दौरान संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या इतने बड़े निर्माण पर किसी की नजर नहीं पड़ी, या फिर नियमों की अनदेखी होती रही?
फिलहाल, शासन के ध्वस्तीकरण आदेश के बाद अब प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह मामला केवल एक होटल के कथित अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि निर्माण संबंधी नियमों के पालन, प्रशासनिक निगरानी और जिम्मेदारों की जवाबदेही का भी है।






