रामनगर के पुछड़ी गांव में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, 82 मकान ध्वस्त; 500 से अधिक जवान तैनात!
उत्तराखंड के रामनगर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुछड़ी गांव में वन विभाग की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार तड़के शुरू हुए अभियान के दौरान 82 कच्चे-पक्के मकानों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के मद्देनजर इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू की गई है, जबकि पुलिस और वन विभाग के 500 से अधिक जवानों को मौके पर तैनात किया गया है।

रामनगर के पुछड़ी गांव में वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस-प्रशासन और वन विभाग ने पूरी तैयारी के साथ अभियान शुरू किया। शनिवार तड़के अतिक्रमण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई, जिसमें 82 कच्चे-पक्के मकानों को ध्वस्त किया गया।
कार्रवाई को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरे पुछड़ी गांव को दो सुपर जोन, पांच जोन और 14 सेक्टरों में विभाजित किया गया। अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
इससे पहले शुक्रवार को राजकीय महाविद्यालय में कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पुलिसकर्मियों और वनकर्मियों की ब्रीफिंग की गई। एसएसपी मंजूनाथ टीसी और पुलिस अधीक्षक संचार रेवाधर मठपाल ने जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वहीं, पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और अभियान के दौरान हर स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होने से लेकर इसके पूरा होने तक मौके पर सक्रियता और सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।

पूरे अभियान की व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपी गई, जबकि तीन अपर पुलिस अधीक्षकों को अलग-अलग जोन का प्रभारी बनाया गया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई और नैनीताल, कालाढूंगी, हल्द्वानी व रामनगर के उपजिलाधिकारी भी मौजूद रहे।
फिलहाल, पुछड़ी गांव में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है।






