बागेश्वर। जिले में आयुर्वेदिक और पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पंचकर्म, योग और क्षार सूत्र जैसी आयुष आधारित सुविधाएं अब लोगों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने की पहल का असर बागेश्वर में भी दिखाई दे रहा है।
जिला आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग की ओर से आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के साथ ही लोगों को बेहतर और सुलभ उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। यही वजह है कि पंचकर्म जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का लाभ लेने वाले मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
पंचकर्म में बढ़ा लोगों का भरोसा
उच्चीकृत राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मजियाखेत में वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 1,090 पंचकर्म थेरेपी की गईं, जबकि वर्ष 2026-27 में अब तक 490 थेरेपी दी जा चुकी हैं।
इसी तरह आयुष विंग, जिला चिकित्सालय बागेश्वर में वर्ष 2025-26 में 2,659 पंचकर्म थेरेपी प्रदान की गईं। वहीं वर्ष 2026-27 में अब तक 552 मरीजों को पंचकर्म थेरेपी का लाभ मिल चुका है।
पंचकर्म के अंतर्गत मरीजों की चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार अभ्यंग, स्वेदन, शिरोधारा, नस्य, कटि बस्ति, जानु बस्ति, ग्रीवा बस्ति और पिंड स्वेदन जैसी विभिन्न प्रक्रियाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इलाज के साथ स्वस्थ जीवनशैली पर जोर

आयुर्वेदिक सेवाओं का विस्तार केवल उपचार तक सीमित नहीं है। लोगों को बीमारी से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले के विभिन्न आयुर्वेदिक केंद्रों और जिला स्तर पर नियमित योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों के माध्यम से लोगों को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
क्षार सूत्र से स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा
वहीं पाइल्स, फिशर और भगंदर जैसे गुदागत रोगों के उपचार के लिए क्षार सूत्र विधि के जरिए आवश्यक शल्य चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे ऐसे मरीजों को उपचार के लिए जिले से बाहर जाने की आवश्यकता कम हो रही है और स्थानीय स्तर पर ही आयुष आधारित चिकित्सा सुविधा मिल रही है।
कुल मिलाकर, बागेश्वर में आयुर्वेद अब केवल उपचार का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, बीमारी से बचाव और समग्र स्वास्थ्य की दिशा में एक व्यापक पहल के रूप में आगे बढ़ रहा है। पंचकर्म, योग और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार आमजन को स्थानीय स्तर पर बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






