बागेश्वर में विकास योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर डीएम अपूर्वा पाण्डे सख्त, दिसंबर से पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश; बजट खर्च में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
बागेश्वर में विकास योजनाओं की धीमी प्रगति और बजट खर्च में लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने सभी विभागों को विकास कार्यों में तेजी लाने और आवंटित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित और बाह्य सहायतित योजनाओं के साथ ही बीस सूत्रीय कार्यक्रम, 25 सूत्रीय कार्यक्रम, टास्क फोर्स और मुख्यमंत्री घोषणाओं की विभागवार समीक्षा की।
इस दौरान वन विभाग की धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विभागों द्वारा आवंटित बजट का सही उपयोग नहीं किया जा रहा है, उनकी बची हुई धनराशि नियमानुसार बेहतर प्रगति करने वाले विभागों को हस्तांतरित की जाए, ताकि सरकारी बजट का प्रभावी इस्तेमाल हो सके।
वहीं, पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। जिला पर्यटन विकास अधिकारी को चेतावनी देते हुए एक महीने के भीतर कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। डीएम ने साफ कहा कि तय समय में संतोषजनक प्रगति नहीं हुई तो संबंधित कार्यों और जिम्मेदारियों के हस्तांतरण की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री घोषणाओं को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और जिला स्तर पर किसी भी तरह की लंबितता नहीं रखने के निर्देश दिए। साथ ही टेंडर प्रक्रिया और कार्य आवंटन से जुड़ी सभी औपचारिकताएं दिसंबर से पहले पूरी करने को कहा।
डीएम ने अधिकारियों को दो टूक संदेश दिया कि विकास योजनाओं में लापरवाही और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाओं को गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा में पूरा करना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्य समेत तमाम जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।






